लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ में दुकानों के शटर तोड़कर मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। अपराध शाखा और मड़ियांव पुलिस की संयुक्त टीम ने 22 मामलों में फरार चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है।
अपर पुलिस उपायुक्त ऋषभ रूणवाल के अनुसार, आरोपितों के पास से करीब 20 लाख रुपये कीमत के 41 मोबाइल फोन, दो टैबलेट, दो अवैध असलहे और नौ कारतूस बरामद किए गए हैं।
मामले की शुरुआत 22 फरवरी 2026 को हुई थी, जब अभिषेक चौधरी ने जानकीपुरम में अपनी दुकान का शटर तोड़कर मोबाइल, टैबलेट और नकदी चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सोमवार देर शाम मुखबिर की सूचना पर यादव चौराहे के पास घेराबंदी कर चारों आरोपितों को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपितों में अमन उर्फ नफीस, मो. जीशान, अजमत अली उर्फ मंटू और समीर उर्फ डाबर शामिल हैं। इनके पास से वारदात में इस्तेमाल हुंडई वर्ना कार और दो बाइक भी बरामद की गई हैं।
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह पहले इलाके की रेकी करता था, फिर बंद दुकानों को निशाना बनाकर देर रात शटर और ताले तोड़ देता था। चोरी किए गए मोबाइल और टैबलेट नेपाल में बेच दिए जाते थे और पैसे आपस में बांट लिए जाते थे। पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी अवैध हथियार भी साथ रखते थे।
इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा के मुताबिक, गिरोह के खिलाफ मड़ियांव, अलीगंज, जानकीपुरम, चिनहट और इटौंजा थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। मुख्य आरोपी अमन और समीर पर पहले से कई आपराधिक केस चल रहे हैं।