लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ में हाल ही में बने ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे चरण की सड़क रविवार को बीरबल साहनी मार्ग के पास अचानक धंस गई। यह घटना उस परियोजना के उद्घाटन के मात्र दो दिन बाद सामने आई, जिसका लोकार्पण 13 मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया था। सड़क धंसने की घटना हनुमान सेतु से निशातगंज को जोड़ने वाले मार्ग पर हुई।
गनीमत रही कि घटना के समय वहां से कोई तेज रफ्तार वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। जैसे ही सड़क धंसने की सूचना मिली, लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों में हड़कंप मच गया और तुरंत मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मिट्टी खिसकने और सीवर पाइप लाइन में लीकेज के कारण सड़क का हिस्सा नीचे बैठ गया।
मरम्मत कार्य में लगी स्वेज इंडिया कंपनी के कर्मचारी विक्रांत भटनागर ने माना कि निर्माण के दौरान सीवेज से जुड़े मुद्दों पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए था। हालांकि इस मामले में लखनऊ विकास प्राधिकरण ने प्रेस रिलीज जारी कर अपना पक्ष रखा है। प्राधिकरण का कहना है कि जहां सड़क धंसी है वह मुख्य ग्रीन कॉरिडोर का हिस्सा नहीं बल्कि साइड पटरी का रैम्प है।
इस मामले में लखनऊ विकास प्राधिकरण के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने इंजीनियरिंग टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया। प्राधिकरण के अनुसार ग्रीन कॉरिडोर के एलाइनमेंट में आने वाली सभी यूटिलिटी शिफ्टिंग पहले ही पूरी कर ली गई थी। उनका कहना है कि यह समस्या जल निगम की पाइप लाइन में लीकेज के कारण हुई है और संबंधित विभाग मौके पर मरम्मत कर रहा है। फिलहाल हनुमान सेतु से संस्कृत संस्थान की ओर जाने वाले मार्ग पर सुधार कार्य जारी है, जबकि मुख्य मार्ग पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा है।