लखनऊ न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के कई शहरों में इन दिनों रसोई गैस (LPG) की उपलब्धता को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लखनऊ, प्रयागराज और गोरखपुर समेत कई स्थानों पर गैस बुक कराने के बाद भी 4 से 5 दिन तक सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो पा रही है। गैस एजेंसियों के बाहर ग्राहकों की लंबी कतारें लग रही हैं, जिससे लोगों में चिंता बढ़ने लगी है।
लखनऊ की लालबाग गैस एजेंसी में उस समय हंगामा हो गया जब एक ग्राहक की पासबुक फाड़ने का मामला सामने आया। कई लोग एक साथ दो या तीन सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी पहुंच गए, जिससे भीड़ और बढ़ गई। वहीं गोरखपुर में लाइन में खड़े लोगों का कहना है कि उन्हें लगातार कई दिनों से इंतजार करना पड़ रहा है और हालात पुराने समय जैसे लगने लगे हैं, जब गैस सिलेंडर के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था।
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है। लखनऊ के जिला पूर्ति अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में फिलहाल लगभग 25 दिन का गैस कोटा उपलब्ध है और किसी तरह की वास्तविक कमी नहीं है। गैस कंपनियों ने भी ग्राहकों को संदेश भेजकर गैस की किल्लत की खबरों को भ्रामक और निराधार बताया है।
सूत्रों के अनुसार तेल कंपनियों ने फिलहाल कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की डिलीवरी पर अघोषित रोक लगा दी है और एजेंसियों को घरेलू सिलेंडर की आपूर्ति पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। इसका असर होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों पर पड़ रहा है, जिन्हें कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल पा रहे। प्रदेश में करीब 4.26 करोड़ घरेलू एलपीजी कनेक्शन हैं, जिनमें से लगभग 1.87 करोड़ कनेक्शन प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत दिए गए हैं, जबकि रोजाना औसतन 5 से 6 लाख सिलेंडर की खपत होती है।