लखनऊ न्यूज डेस्क: KGMU में बाल रोग विभाग की एक जूनियर डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि उनके विभाग के एक एडिशनल प्रोफेसर ने उनके साथ छेड़छाड़ की और अभद्र व्यवहार किया। पीड़िता MD की पढ़ाई कर रही हैं। घटना सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कदम उठाया।
11 फरवरी 2026 को KGMU प्रशासन ने मामले की जांच के लिए विशाखा कमेटी गठित की। इस कमेटी को पूरे प्रकरण की पूरी पड़ताल करने और निष्पक्ष रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने कहा कि ऐसी किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अस्पताल में महिला स्टाफ की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कुलपति ने आरोपी एडिशनल प्रोफेसर को तुरंत सस्पेंड कर दिया है। उन्हें विभाग में आने से रोका गया है ताकि जांच निष्पक्ष हो और कोई सबूत या गवाह प्रभावित न हो। जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन आरोपी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई करेगा।
KGMU का विवादों से पुराना नाता रहा है। पिछले महीने यहां धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था, जिसमें आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर को दोषी पाया गया और उसका एडमिशन रद्द कर दिया गया था। ये घटनाएं अस्पताल में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पर सवाल खड़े करती हैं।