लखनऊ न्यूज डेस्क: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (इटावा) के अंतर्गत 250 शैय्या वाले लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर की स्थापना पर जोर दिया है। यह ट्रॉमा सेंटर आगरा–लखनऊ एक्सप्रेस-वे के समीप स्थापित किया जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं व अन्य आपात स्थितियों में घायलों को समय पर उच्चस्तरीय उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में एक्सप्रेस-वे विश्वविद्यालय परिसर से करीब 10 किलोमीटर दूर है, जिससे घायलों के इलाज में बहुमूल्य समय नष्ट होता है।
मंगलवार को कुलाधिपति के रूप में विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की दूसरी बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर का संचालन विश्वविद्यालय स्वयं करेगा। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं को मजबूत करने तथा चिकित्सा शिक्षा और शोध को नई दिशा देने से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर रूरल हेल्थ’ की स्थापना के निर्देश भी दिए। इसके तहत टेली-ओपीडी, वर्चुअल ओपीडी, डिजिटल डेटा एकीकरण और मोबाइल आउटरीच जैसी सेवाएं शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के लिए उच्चस्तरीय चिकित्सा, शिक्षण और शोध का प्रभावी केंद्र बनाया जाए।
बैठक में इंटीग्रेटिव मेडिसिन यूनिट की स्थापना का भी निर्णय लिया गया, जहां एलोपैथी और आयुष पद्धतियों के समन्वय से रोगी-केंद्रित उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय में कम्युनिटी ब्रॉडकास्ट सर्विस शुरू की जाएगी, जिसके माध्यम से स्वास्थ्य, रोग-निवारण और सरकारी योजनाओं से जुड़ी प्रमाणिक जानकारी का प्रसारण किया जाएगा।