लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ के चिनहट इलाके से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता ने ही अपने दोस्त के साथ मिलकर अपनी 21 वर्षीय बेटी की निर्मम हत्या कर दी। रिश्तों को कलंकित करने वाले इस मामले में पुलिस ने आरोपी पिता विजय कुमार चौबे और उसके सहयोगी अब्दुल मन्नान को गिरफ्तार कर लिया है।
साजिश और वारदात का क्रम:
पुलिस की जांच में सामने आया कि विजय चौबे ने 16 अप्रैल को चिनहट थाने में अपनी बेटी वंदना चौबे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हालांकि, जब पुलिस ने कॉल डिटेल्स और सर्विलांस के जरिए जांच आगे बढ़ाई, तो पिता की भूमिका संदिग्ध मिली। पूछताछ में खुलासा हुआ कि पिता ने 13 अप्रैल को ही एक किराए की कार ली थी और झाड़-फूंक कराने के बहाने वंदना को घर से बाहर ले गया था।
तड़पाकर मार डाला और पहचान मिटाने की कोशिश:
डीसीपी पूर्वी दीक्षा शर्मा ने बताया कि आरोपी पिता और उसका दोस्त वंदना को बाराबंकी के कुर्सी रोड स्थित एक सुनसान इलाके में ले गए। वहां कार के भीतर सो रही वंदना का गला घोंट दिया गया। जब वह अपनी जान बचाने के लिए तड़प रही थी, तब भी दोनों ने रहम नहीं किया और उसकी जान ले ली। हत्या के बाद शिनाख्त मिटाने के लिए क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए आरोपियों ने वंदना के चेहरे पर तेजाब डाल दिया। उनका इरादा शव को शारदा नहर में फेंकने का था, लेकिन सड़क पर वाहनों की आहट सुनकर वे डर गए और शव को पास की झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए।
हत्या की वजह:
पुलिस पूछताछ में आरोपी पिता ने दावा किया कि वह अपनी बेटी के व्यवहार और उसके कुछ फैसलों से परेशान था, जिसे उसने 'लोक-लाज' का मुद्दा बना लिया था। इसी कथित रंजिश में उसने अपने दोस्त अब्दुल मन्नान के साथ मिलकर इस जघन्य हत्याकांड की साजिश रची और उसे अंजाम दिया।
इस घटना ने एक बार फिर समाज में महिलाओं के प्रति बढ़ती असुरक्षा और पारिवारिक कट्टरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में सख्त पैरवी की तैयारी कर रही है ताकि उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।