लखनऊ न्यूज डेस्क: राजधानी लखनऊ में स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को लेकर जनता का आक्रोश अब सड़कों पर उतर आया है। गुरुवार को इंदिरानगर के पंडितपुरवा क्षेत्र की महिलाओं ने सेक्टर-14 न्यू उपकेंद्र पर जोरदार प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। तनाव इतना बढ़ गया कि पुलिस बल को हस्तक्षेप करना पड़ा, लेकिन प्रदर्शनकारी महिलाएं अधिकारियों को करीब एक किलोमीटर पैदल चलाकर अपने मोहल्ले ले गईं और वहां करीब एक घंटे तक मीटरों की जांच कराई।
उपभोक्ताओं का मुख्य आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली का बिल दोगुना हो गया है और महज 100-150 रुपये का बैलेंस कम होने पर भी कनेक्शन काट दिया जा रहा है। विरोध की आंच पार्षदों के कार्यालयों तक भी पहुंची, जहां राजा बाजार वार्ड में महिलाओं ने पार्षद कार्यालय का घेराव कर मीटर हटाने की मांग की। वहीं, मालवीय नगर की कांग्रेस पार्षद ममता चौधरी ने अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपकर गलत बिलिंग की समस्या से अवगत कराया, जिस पर विभाग ने 'चेक मीटर' लगाने का आश्वासन दिया है।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को बैलेंस खत्म होने के कारण राजधानी के विभिन्न जोनों में कुल 6,054 स्मार्ट प्रीपेड कनेक्शन काट दिए गए। इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित अमौसी और लखनऊ सेंट्रल जोन के उपभोक्ता रहे। उपभोक्ताओं का कहना है कि वर्टिकल व्यवस्था और 1912 हेल्पलाइन पर निर्भरता के कारण स्थानीय अधिकारी शिकायतों का समाधान नहीं कर पा रहे हैं, जिससे आम जनता को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
दूसरी ओर, बिजली विभाग (लेसा) के अधिकारी इन आरोपों को निराधार बता रहे हैं। गोमतीनगर जोन के मुख्य अभियंता सुशील गर्ग के अनुसार, पंडितपुरवा और लौलाई की कांशीराम कॉलोनी में दर्जनों मीटरों और बिलों की सघन जांच की गई, जिसमें सभी मीटर सही पाए गए। विभाग का तर्क है कि तकनीक में कोई खराबी नहीं है, लेकिन उपभोक्ताओं और विभाग के बीच विश्वास की यह खाई गहराती जा रही है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो रही है।