लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ के विकासनगर इलाके में बुधवार शाम को हुआ भीषण अग्निकांड गुरुवार को तबाही के मंजर के साथ सामने आया। इस हृदयविदारक घटना में 250 से अधिक झोपड़ियां जलकर खाक हो गईं, जिसमें दो मासूम सगी बहनों की जिंदा जलने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में एक की उम्र महज 2 साल और दूसरी की केवल 2 महीने थी। गुरुवार सुबह घटनास्थल पर चारों ओर सिर्फ राख का ढेर नजर आया, जहाँ बेघर हुए परिवार अपनी गृहस्थी के अवशेषों में कुछ तलाशने की कोशिश कर रहे थे।
प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बेघर हुए परिवारों को रैन बसेरों और कम्युनिटी सेंटरों में शिफ्ट किया है, जहाँ उनके भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस त्रासदी में जान गंवाने वाली बच्चियों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। अधिकारियों की टीमें मौके पर मौजूद हैं और प्रभावित लोगों की सूची तैयार की जा रही है ताकि उन तक राहत सामग्री पहुंचाई जा सके।
यह भयानक आग बुधवार शाम करीब 5:30 बजे लगी थी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग के दौरान 30 से अधिक गैस सिलेंडर फटने से धमाके हुए, जिससे पूरा इलाका दहल उठा। आग इतनी भीषण थी कि आसमान में 10 किलोमीटर दूर तक धुएं का गुबार देखा गया। सुरक्षा की दृष्टि से आसपास के 20 पक्के मकानों को भी खाली करा लिया गया था और इलाके की बिजली काट दी गई थी।
राहत और बचाव कार्य में दमकल की 20 गाड़ियों के साथ एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें भी तैनात रहीं। करीब 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट मांगी, वहीं उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने खुद मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया।