लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ में सफाई व्यवस्था लगातार चौथे दिन भी प्रभावित रही, जिससे शहर के कई इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए हैं। असम और पश्चिम बंगाल के सफाईकर्मी विधानसभा चुनाव में वोट डालने के लिए अपने घर लौट गए हैं, जिसके कारण डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन बुरी तरह बाधित हो गया है। नगर निगम और एजेंसियां अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर पाई हैं।
सबसे ज्यादा असर जोन 3, 7 और 8 के इलाकों में देखने को मिला है, जहां अलीगंज, इंदिरा नगर, जानकीपुरम और फैजुल्लागंज जैसे क्षेत्रों में हालात खराब हैं। वहीं आशियाना, वृंदावन योजना, तेलीबाग, साउथ सिटी और रायबरेली रोड के आसपास भी कूड़े का अंबार लगा है। भूतनाथ मार्केट और कपूरथला जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में भी गंदगी की समस्या बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिनों से कचरा नहीं उठाया गया है, जिससे दुर्गंध फैल रही है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर लोग मजबूरी में खाली प्लॉट्स में कचरा फेंकने लगे हैं। नियमित शुल्क देने के बावजूद सेवा न मिलने पर निवासी नाराजगी जता रहे हैं और शुल्क में छूट की मांग कर रहे हैं।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, 110 में से 77 वार्डों में काम संभालने वाली एजेंसी के पास जरूरत के मुकाबले कम कर्मचारी हैं। फिलहाल स्थानीय स्तर पर नए सफाईकर्मी रखे जा रहे हैं और अगले 2-3 दिनों में स्थिति सामान्य करने का दावा किया गया है। इस बीच मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार की अध्यक्षता में बैठक कर रोजाना निरीक्षण और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।