लखनऊ न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके विभूति खंड में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (BJYM) के नेता शिवम सिंह की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने महज कुछ ही दिनों के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में जो बात सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है—यह पूरी वारदात महज एक सिगरेट और गाली-गलौज के मामूली विवाद के बाद अंजाम दी गई।
अयोध्या से लखनऊ पार्टी करने आया था बीजेपी नेता:
मूल रूप से अयोध्या के रहने वाले बीजेपी युवा मोर्चा के नेता शिवम सिंह 25 मई को अपने कुछ दोस्तों के साथ पार्टी मनाने और घूमने के लिए लखनऊ आए थे। वे विभूति खंड स्थित 'ज्वाला क्लब' में अपने दोस्तों के साथ मौजूद थे।
महज एक सिगरेट से शुरू हुआ पूरा विवाद:
नीचे गिर गई सिगरेट: क्लब के पास आरोपियों ने शिवम सिंह से एक सिगरेट मांगी। शिवम ने उन्हें सिगरेट दी, लेकिन वह दुर्घटनावश नीचे जमीन पर गिर गई।
अहंकार और गाली-गलौज की लड़ाई: आरोपियों ने शिवम पर दबाव बनाया कि वह जमीन पर गिरी सिगरेट को खुद उठाकर उनके हाथ में दे, लेकिन शिवम ने ऐसा करने से साफ मना कर दिया। इसके बाद शिवम अपनी कार में बैठ गया और आरोप है कि उसने कार के अंदर से आरोपियों को अपशब्द (गाली) कह दिए।
बाइक से पीछा कर पत्थरों से किया हमला:
कार के भीतर से दी गई गाली से आरोपी इस कदर आगबबूला हो गए कि उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल उठाई और शिवम की कार का पीछा करना शुरू कर दिया।
कठौता चौराहे पर घेरा: जैसे ही शिवम की कार कठौता चौराहे के पास पहुंची, बाइक सवार तीनों हमलावरों ने कार को ओवरटेक करके रोक लिया और हमला बोल दिया।
सिर पर मारा पत्थर: आरोपियों ने सड़क किनारे पड़े भारी पत्थरों से शिवम पर ताबड़तोड़ वार किए। एक बड़ा पत्थर सीधे शिवम के सिर पर लगा, जिससे वे लहूलुहान होकर वहीं जमीन पर गिर पड़े।
मुसीबत में दोस्त छोड़ भागे, राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल:
इस घटना का एक स्याह पहलू यह भी रहा कि जब आरोपियों ने हमला किया, तो शिवम के साथ आए उसके दोस्त उसे गंभीर हालत में तड़पता हुआ छोड़कर मौके से जान बचाकर भाग खड़े हुए। बाद में वहां से गुजर रहे स्थानीय राहगीरों ने इंसानियत दिखाते हुए बुरी तरह घायल शिवम को पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया खून से सना पत्थर भी बरामद कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास:
विभूति खंड पुलिस ने सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से जिन तीन हत्यारोपियों को दबोचा है, उनमें से दो का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है:
शांतनु उर्फ अंकित रावत (निवासी लखनऊ): इस मुख्य आरोपी पर पहले से ही अलग-अलग थानों में 13 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
विवेक तिवारी उर्फ हनी (निवासी लखनऊ): इसके खिलाफ भी पूर्व में 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
विवेक सिंह (निवासी आजमगढ़): इस हत्याकांड में शामिल तीसरा आरोपी।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।