लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ के पीजीआई ट्रामा सेंटर के बाहर बुधवार को बेहद भावुक और दर्दनाक दृश्य देखने को मिला। मृतक संदीप की पत्नी प्रीति जब अपने दोनों बच्चों के साथ अस्पताल पहुंचीं और उन्हें पति की गंभीर हालत की जानकारी मिली, तो वह खुद को संभाल नहीं सकीं और बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ीं। होश आने के बाद वह बार-बार यही सवाल करती रहीं कि आखिर उनके परिवार के साथ ऐसा क्यों हुआ।
अस्पताल के बाहर मौजूद लोग यह मंजर देखकर भावुक हो उठे। संदीप के करीबी लोगों के मुताबिक वह अपने बच्चों को ऊंची शिक्षा दिलाकर बड़ा अफसर बनाना चाहते थे। उनका सपना था कि बेटा आईपीएस अधिकारी बने और बेटी डॉक्टर बने। परिवार के भविष्य को लेकर संदीप ने कई सपने संजो रखे थे, जो इस घटना के बाद टूटते नजर आए।
घटना के बाद संदीप का चालक विपिन भी पूरी तरह सदमे में था। गोली लगने के बाद वह किसी तरह उन्हें कार से पीजीआई ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचा, लेकिन उसमें परिवार को सच्चाई बताने की हिम्मत नहीं थी। वह खून से सनी कार लेकर संदीप के वृंदावन स्थित घर पहुंचा और अपनी शर्ट पर लगे खून के निशानों को छिपाने की कोशिश करता रहा, ताकि परिवार घबरा न जाए।
जब प्रीति और बच्चे अस्पताल पहुंचे, तब 12 वर्षीय बेटे सार्थक और 9 वर्षीय बेटी ने अपनी मां को रोते और गिरते देखा तो दोनों की आंखें भर आईं। बच्चे लगातार पूछते रहे कि आखिर उनके पिता को क्या हुआ है। बेटे ने तो अस्पताल आते समय अपने पिता के लिए जूस भी साथ रखा था, इस उम्मीद में कि वह ठीक हो जाएंगे। मासूम बच्चों के सवाल और परिवार का दर्द देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और परिचितों की आंखें भी नम हो गईं।