लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ नगर निगम की महापौर सुषमा खरकवाल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ द्वारा प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार निलंबित किए जाने के तीन दिन बाद समाजवादी पार्टी नेता ललित किशोर तिवारी को पार्षद पद की शपथ दिला दी। ललित किशोर तिवारी अवध बार एसोसिएशन के महासचिव भी हैं।
तिवारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि निर्वाचन न्यायाधिकरण द्वारा वार्ड नंबर 73 फैजुल्लागंज से उन्हें निर्वाचित घोषित किए जाने के बावजूद महापौर उन्हें शपथ नहीं दिला रही थीं। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कई बार महापौर से जवाब मांगा और पूछा कि अदालत के आदेश का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
इसके बाद न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की खंडपीठ ने बुधवार को महापौर सुषमा खरकवाल की प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां निलंबित कर दी थीं। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि यह कार्रवाई दंडात्मक नहीं, बल्कि न्यायालय के आदेशों के पालन को सुनिश्चित करने और वैधानिक दायित्वों में बाधा रोकने के लिए संवैधानिक कदम है।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 के निकाय चुनाव में समाजवादी पार्टी उम्मीदवार ललित किशोर तिवारी भाजपा प्रत्याशी प्रदीप कुमार शुक्ला से हार गए थे। बाद में तिवारी ने निर्वाचन न्यायाधिकरण में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि भाजपा उम्मीदवार ने नामांकन पत्र में वैवाहिक स्थिति को लेकर गलत जानकारी दी थी। दिसंबर 2025 में न्यायाधिकरण ने प्रदीप शुक्ला का चुनाव निरस्त कर तिवारी को विजयी घोषित कर दिया था। महापौर ने हाईकोर्ट में कहा था कि चूंकि भाजपा प्रत्याशी ने फैसले के खिलाफ अपील दायर की है, इसलिए शपथ नहीं दिलाई जा रही थी।