लखनऊ न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में आधुनिक सुविधाओं से लैस एक नए 'आदर्श माध्यमिक विद्यालय' के भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने जोर देकर कहा कि "डबल इंजन सरकार" शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री ने शिक्षा और युवा विकास के प्रति सरकार के दृष्टिकोण को साझा किया। उन्होंने लिखा कि सरकार नौनिहालों को शिक्षा के प्रकाश से जोड़कर उनके सपनों को नई उड़ान देना चाहती है। लखनऊ के जन भवन परिसर में स्थित इस नए स्कूल भवन का निर्माण 517 लाख रुपये की लागत से किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह भवन भविष्य की नई संभावनाओं के लिए एक मजबूत आधार बनेगा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के संकल्प को और अधिक सशक्त करेगा। इस उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं।
इससे पहले रविवार को मुख्यमंत्री ने लखीमपुर खीरी, धौरहरा और मोहम्मदी में 417 करोड़ रुपये की लागत वाली 213 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बांग्लादेश से विस्थापित होकर लखीमपुर खीरी में बसे 331 हिंदू परिवारों को भूमि स्वामित्व के अधिकार पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने उन वादों को पूरा किया है जो दशकों से लंबित थे।
सभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने एक बड़ी घोषणा भी की। उन्होंने लखीमपुर खीरी के 'मियापुर' इलाके का नाम बदलने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब यह क्षेत्र 'मियापुर' के नाम से नहीं बल्कि 'रवींद्र नगर' के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि दशकों पहले जो परिवार यहाँ बसे थे और जिन्हें अपनी जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला था, आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उन्हें यह अधिकार प्राप्त हो गया है।