बांग्लादेश के आसमान में अपना दबदबा बनाने के लिए चल रही दो वैश्विक दिग्गज कंपनियों—अमेरिका की बोइंग (Boeing) और यूरोप की एयरबस (Airbus)—की जंग अब समाप्त होती नजर आ रही है। बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस ने अपनी फ्लीट (बेड़े) विस्तार योजना के तहत बोइंग से 14 नए यात्री विमान खरीदने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।
लंबी कूटनीतिक खींचतान के बाद फैसला
यह डील केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि एक बड़ी डिप्लोमैटिक जीत मानी जा रही है।
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यूरोपीय दबाव: पिछले साल नवंबर में फ्रांस, जर्मनी और यूके के राजदूतों ने एयरबस के पक्ष में काफी पैरवी की थी। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी पिछली सरकार के दौरान 10 एयरबस विमानों की खरीद पर चर्चा की थी।
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अमेरिकी सफलता: तमाम कूटनीतिक दबावों के बावजूद बिमान बांग्लादेश ने बोइंग मॉडल की 'फ्लेक्सिबिलिटी और मजबूती' को प्राथमिकता दी।
क्या शामिल है इस 14 विमानों की डील में?
बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की सालाना जनरल मीटिंग (AGM) में स्वीकृत ऑर्डर के अनुसार, निम्नलिखित विमानों की खरीद की जाएगी:
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08 बोइंग 787-10 ड्रीमलाइनर: लंबी दूरी की यात्रा के लिए आधुनिक विमान।
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02 बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर: ईंधन की कम खपत और अधिक रेंज के लिए मशहूर।
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04 बोइंग 737-8 मैक्स: क्षेत्रीय और मध्यम दूरी के रूट के लिए प्रभावी।
डील की शर्तें और तकनीकी प्रक्रिया
हालांकि बोर्ड ने सहमति दे दी है, लेकिन यह डील अभी पूरी तरह फाइनल नहीं हुई है।
अगला कदम: बिमान की 'टेक्नो-फाइनेंस कमेटी' अब कीमत और अन्य लॉजिस्टिक शर्तों पर बोइंग के साथ अंतिम बातचीत करेगी। इन शर्तों के पूरा होने के बाद ही औपचारिक हस्ताक्षर होंगे।
बांग्लादेशी एविएशन मार्केट पर दबाव
बांग्लादेश का एविएशन सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन वर्तमान में स्थानीय एयरलाइंस की बाजार हिस्सेदारी मात्र 25% है। बाकी हिस्सेदारी विदेशी एयरलाइंस के पास है।
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मकसद: नेशनल कैरियर बिमान अपने बेड़े को आधुनिक बनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी और पर्यावरण के अनुकूल बनाना चाहता है।
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फ्लीट विस्तार: नए बोइंग विमानों के आने से बिमान अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ाने और सेवा में सुधार करने में सक्षम होगा।
निष्कर्ष
यूरोपीय देशों के भारी प्रचार और 'एयरबस' को बढ़ावा देने की कोशिशों के बीच बांग्लादेश का बोइंग को चुनना यह दर्शाता है कि एयरलाइंस ने अपनी वर्तमान इन्फ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी अनुकूलता (Compatibility) को ज्यादा महत्व दिया है। यह समझौता आने वाले दशकों में बांग्लादेश और अमेरिका के वाणिज्यिक रिश्तों को नई दिशा देगा।