पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) अपनी अनिश्चितताओं और आंतरिक विवादों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज गेंदबाज और पाकिस्तान टेस्ट टीम के पूर्व कोच जेसन गिलेस्पी ने अपने इस्तीफे के बाद पाकिस्तान क्रिकेट की जो 'काली सच्चाई' बयां की है, उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पीसीबी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गिलेस्पी को 2024 में पाकिस्तान टेस्ट टीम को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन महज 8 महीने के भीतर ही उन्हें अपमानजनक परिस्थितियों में पद छोड़ना पड़ा।
चेयरमैन की 'तानाशाही' और 'कनेक्शन कैंप' का कड़वा सच
जेसन गिलेस्पी ने एक हालिया सत्र में खुलासा किया कि पीसीबी के वर्तमान चेयरमैन मोहसिन नकवी का रवैया कोचिंग स्टाफ के प्रति बेहद उपेक्षापूर्ण था। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि टीम के बॉन्डिंग को सुधारने के लिए गैरी कर्स्टन ने एक 'कनेक्शन कैंप' का सुझाव दिया था।
गिलेस्पी ने कहा: "गैरी दक्षिण अफ्रीका से आए, मैं ऑस्ट्रेलिया से पहुंचा, लेकिन पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी, जो खुद लाहौर में ही रहते हैं, उन्होंने 20 मिनट की ड्राइव करना भी मुनासिब नहीं समझा। वे जूम कॉल पर जुड़े। जब पूरी टीम और विदेशी कोच वहां मौजूद थे, तब चेयरमैन का न आना बहुत अजीब और अपमानजनक था।"
यह घटना दर्शाती है कि बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों और कोचिंग स्टाफ के बीच सम्मान और समन्वय की कितनी भारी कमी थी।
कोच की अनदेखी: बिना पूछे हटाए गए सहायक
गिलेस्पी के कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान को बांग्लादेश के हाथों 2-0 से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद टीम में बड़े बदलावों का दौर शुरू हुआ, जिसमें बाबर आजम को ड्रॉप करना भी शामिल था। गिलेस्पी ने खुलासा किया कि मैनेजमेंट ने अहम फैसले लेते समय हेड कोच की राय लेना भी जरूरी नहीं समझा।
गिलेस्पी के अनुसार:
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एकतरफा फैसले: पीसीबी ने सीनियर असिस्टेंट कोच को बिना हेड कोच (गिलेस्पी) की सहमति या चर्चा के उनके पद से हटा दिया।
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सम्मान की कमी: गिलेस्पी ने स्पष्ट कहा कि एक मुख्य कोच के तौर पर उन्हें ऐसा महसूस कराया गया कि उनकी कोई अहमियत नहीं है। मैनेजमेंट अपनी मनमानी चला रहा था।
म्यूजिकल चेयर बना पाकिस्तान क्रिकेट
पाकिस्तान क्रिकेट में कोचिंग स्टाफ का बदलना किसी 'म्यूजिकल चेयर' के खेल जैसा हो गया है। मिकी आर्थर, ग्रांट ब्रैडबर्न, गैरी कर्स्टन और अब जेसन गिलेस्पी—इन सभी दिग्गजों ने बहुत कम समय में पीसीबी का साथ छोड़ा है। गिलेस्पी ने बताया कि टीम के भीतर राजनीति और बाहरी हस्तक्षेप इतना ज्यादा है कि कोई भी प्रोफेशनल कोच वहां लंबे समय तक टिक नहीं सकता।
गिलेस्पी ने अपने इस्तीफे की वजह बताते हुए कहा, "जब मैनेजमेंट कोच को कुछ समझ ही नहीं रहा, तो मेरा वहां रुकने का कोई मतलब नहीं था। मैं अपना सम्मान दांव पर लगाकर काम नहीं कर सकता।"