लखनऊ न्यूज डेस्क: जौनपुर के महिंगवां क्षेत्र के डिंगुरपुर गांव में 40 वर्षीय शकुंतला की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि 3 अगस्त को गांव के पास विवाद के बाद कुछ लोगों ने उसे लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा था, जिसके बाद से उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार को हालत बिगड़ने पर उसने दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद परिवार और ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग को लेकर शव को काफी देर तक नहीं उठने दिया।
शकुंतला के पति विजय कुमार के मुताबिक, उनकी पत्नी 3 अगस्त को मोबाइल बनवाने सोनवा बाजार चौराहे गई थी। लौटते समय गांव के पास कुछ लोगों से उसका विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के बाद उसकी लाठी-डंडों से पिटाई की गई और वह गंभीर रूप से घायल होकर घर पहुंची। परिवार ने मामले की शिकायत पहाड़पुर चौकी में की थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने न तो मुकदमा दर्ज किया और न ही उसका मेडिकल कराया।
शकुंतला की मौत की खबर मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। काफी देर तक शव रोके रखा गया। बाद में कार्रवाई का भरोसा मिलने पर परिवार और ग्रामीण शांत हुए। थाना प्रभारी राधेश्याम मौर्य ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि शकुंतला की सास गुड्डी गांव के सुंदरलाल के यहां काम करती है। बताया गया कि विजय ने नशे की हालत में अपनी मां गुड्डी से विवाद और मारपीट की थी।
थाना प्रभारी के अनुसार, विजय ने अपनी मां को छड़ी से पीटा था, जिसके बाद गुड्डी ने सुंदरलाल को घटना की जानकारी दी। पुलिस का कहना है कि इसके बाद सुंदरलाल और गुड्डी ने मिलकर शकुंतला की पिटाई की, जिसमें वह घायल हुई थी। महिला की मौत के मामले में आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, 3 अगस्त को चौकी पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने के आरोप की भी जांच होगी। यदि पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। शकुंतला के परिवार में एक बेटा और एक बेटी है।