लखनऊ न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया को और मजबूती देते हुए, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ के लोक भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में 500 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। ये नियुक्तियां सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा विभाग और स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के लिए की गई हैं। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर युवाओं में भारी उत्साह और संतुष्टि का माहौल था।
नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। लखनऊ की आयुषी त्रिपाठी ने इसे अपने जीवन का एक ऐतिहासिक क्षण बताया और योगी सरकार की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता की सराहना की। शाहजहाँपुर की स्नेहा मिश्रा ने गर्व महसूस करते हुए कहा कि इस बार बड़ी संख्या में महिलाओं का चयन यह साबित करता है कि सरकार समान अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के कारण भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है और अब योग्य उम्मीदवारों को उनका हक मिल रहा है। अमरेंद्र प्रताप सिंह ने भर्ती प्रक्रिया को सरल, सुगम और पारदर्शी बताते हुए कहा कि कम शुल्क और बिना किसी बाधा के पूरी प्रक्रिया का संपन्न होना युवाओं के लिए बड़ी राहत है। अभ्यर्थियों का मानना है कि वर्तमान व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता ने युवाओं का शासन प्रणाली के प्रति भरोसा और अधिक मजबूत किया है।
इस कार्यक्रम में सुल्तानपुर, झाँसी, आज़मगढ़, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या जैसे विभिन्न जिलों के अभ्यर्थी शामिल हुए। झाँसी की वंदना कुशवाहा और मयंक कौशिक जैसे युवाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र लेना उनके लिए अत्यंत गर्व का विषय है। इन अभ्यर्थियों की सफलता और संतुष्टि प्रदेश में नई कार्य संस्कृति का प्रतीक है, जहाँ योग्यता और पारदर्शिता को सर्वोपरि रखा जा रहा है।