लखनऊ न्यूज डेस्क: परीक्षा अनियमितताओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में शुक्रवार को लखनऊ के इको गार्डन में बड़ी संख्या में छात्र और सरकारी नौकरी के अभ्यर्थी एकत्र हुए। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई।
प्रदर्शन में शिक्षक भर्ती, चिकित्सा, राजस्व, प्रशासनिक सेवाओं समेत विभिन्न सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। यह आंदोलन सीजेपी के देशव्यापी अभियान का हिस्सा है। इससे पहले संगठन दिल्ली और पुणे में भी इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर चुका है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) बबलू कुमार ने बताया कि प्रदर्शन की अनुमति एक व्यक्ति द्वारा आवेदन दिए जाने के बाद प्रदान की गई। उनके अनुसार, शिक्षक विवेक कुमार ने गुरुवार शाम आवेदन किया था, जिसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर अनुमति दी गई। उन्होंने उन खबरों का भी खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन की अनुमति सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक के लिए दी गई है और इसमें करीब एक हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है। अभिजीत दीपके ने पहले ही कहा था कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में रहेगा। सीजेपी आगामी दिनों में अमृतसर और बेंगलुरु में भी इसी तरह के प्रदर्शन आयोजित करेगी, जबकि 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा प्रदर्शन प्रस्तावित है।