लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी श्रद्धा दुबे को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया गया है। उत्तर प्रदेश एसटीएफ और लखनऊ पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा इस मामले में फरार चल रही थी। उसकी तलाश के लिए पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
गिरफ्तारी से पहले श्रद्धा ने आरोपों को बताया था गलत
गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले श्रद्धा दुबे ने दावा किया था कि शिवा शर्मा ने आत्महत्या की थी और बिल्डिंग की सीसीटीवी फुटेज से उसकी बेगुनाही साबित हो सकती है। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उसने कहा था कि वह शिवा को सिर्फ चार महीने से जानती थी और इनमें से करीब दो से ढाई महीने तक दोनों दोस्त थे। उसके मुताबिक, शिवा पहले उसके घर नहीं आता था और पिछले दो महीनों में ही वहां आने लगा था। श्रद्धा ने शिवा की मां पर भी झूठे आरोप लगाने की बात कही थी।
श्रद्धा ने कहा था कि उस पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उसका दावा था कि उसने शिवा को अपनी बिल्डिंग की चौथी मंजिल से कूदते हुए देखा था। उसने यह भी सवाल उठाया था कि नेपाल बॉर्डर की फुटेज हासिल कर ली गई, लेकिन उसकी बिल्डिंग का सीसीटीवी फुटेज अब तक क्यों नहीं देखा गया। श्रद्धा के मुताबिक, फुटेज सामने आने पर उसकी बेगुनाही साफ हो जाएगी।
क्या है शिवा शर्मा की मौत का मामला?
27 वर्षीय शिवा शर्मा कैफे चलाते थे और कारोबारी भी थे। पुलिस के मुताबिक, वह करीब चार महीने से श्रद्धा दुबे के साथ कथित तौर पर लिव-इन रिलेशनशिप में थे। 9 अक्टूबर को लखनऊ के हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई थी। आरोप है कि इस मामले में श्रद्धा की भूमिका थी। पुलिस को दोनों के बीच बहस का एक कथित ऑडियो क्लिप भी मिला था, जिसकी जांच की जा रही है।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बताया था कि श्रद्धा की महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन नेपाल सीमा के पास रुपईडीहा कस्बे में मिली थी। इसके बाद उसके नेपाल चले जाने की आशंका जताई गई थी। लखनऊ पुलिस ने श्रद्धा और उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। अब नागपुर से उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले में आगे की जांच करेगी।