लखनऊ न्यूज डेस्क: सावन शुरू होने से पहले वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-31) पर बाबतपुर से व्यासबाग तक स्ट्रीट लाइट के खंभों की बदहाली चिंता का कारण बन गई है। 30 जुलाई से सावन मास शुरू हो रहा है, जिसमें हजारों कांवरिया इसी मार्ग से त्रिलोचन महादेव और काशी विश्वनाथ मंदिर तक पैदल यात्रा करते हैं। ऐसे में खुले बिजली के खंभे श्रद्धालुओं और राहगीरों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हाईवे पर लगे कई स्ट्रीट लाइट खंभों के निचले हिस्से के ढक्कन लंबे समय से गायब हैं। कई खंभों के अंदर बिजली के तार खुले पड़े हैं। कुछ जगहों पर कार्यदायी संस्था ने अस्थायी तौर पर प्लास्टिक शीट और रस्सी से ढंकने की कोशिश की है, लेकिन अधिकांश खंभे बिना किसी सुरक्षा के खुले हैं।
बारिश के मौसम में खुले बिजली कनेक्शन और लोहे की रेलिंग तक करंट पहुंचने की आशंका से लोगों में डर बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि सावन में कांवर यात्रा मार्गों की सुरक्षा को लेकर हर साल विशेष निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन एनएच-31 पर स्ट्रीट लाइट खंभों की स्थिति लापरवाही को दिखाती है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि वर्षों से खंभों के ढक्कन गायब हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। इस मामले में कार्यदायी संस्था के कर्मचारी बृजेश से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुआ, जिससे उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।
लोगों ने एनएचएआई और जिला प्रशासन से मांग की है कि सावन यात्रा शुरू होने से पहले सभी खुले स्ट्रीट लाइट खंभों पर सुरक्षित ढक्कन लगाए जाएं, खुले तारों को ठीक किया जाए और पूरे मार्ग का सुरक्षा निरीक्षण कराया जाए, ताकि किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके।