लखनऊ न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश में पिछले करीब एक सप्ताह से कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। बुधवार को लखनऊ में सीजन की सबसे ज्यादा 115 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज समेत आसपास के जिलों में भी जमकर बारिश हुई, जिससे कई जगह बाढ़ जैसे हालात बन गए। हालांकि अब लखनऊ, मध्य यूपी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून के कमजोर पड़ने के साथ बारिश में कमी आने की संभावना है।
13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार को बांदा, चित्रकूट, कानपुर देहात, ललितपुर और आगरा समेत 13 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं लखनऊ और आसपास के इलाकों में बादल छाए रहने के साथ कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। शनिवार को चित्रकूट, बांदा, फतेहपुर, कौशांबी, प्रयागराज, संत रविदास नगर, मिर्जापुर, वाराणसी और हमीरपुर के आसपास भी हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
7 सितंबर तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र का असर अभी प्रदेश में बना हुआ है। इसके चलते सात सितंबर तक बुंदेलखंड और दक्षिणी जिलों के साथ तराई और पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। आठ सितंबर से मानसून की सक्रियता कम होने लगेगी और पश्चिमी जिलों से बारिश का दौर धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा। 15 सितंबर तक प्रदेश के ज्यादातर जिलों में बारिश थमने की संभावना है।
ललितपुर में सबसे ज्यादा 173 मिमी बारिश
गुरुवार को लखनऊ में शाम चार बजे तक कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हुई। बारिश के कारण दिन का तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.6 डिग्री कम रहा। प्रदेश के करीब 40 जिलों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे रहा। वहीं गुरुवार को ललितपुर में सबसे ज्यादा 173 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। हमीरपुर में 165 मिमी, बांदा में 137.4 मिमी, फतेहपुर में 77.2 मिमी और महोबा में 75.2 मिमी बारिश दर्ज हुई।