लखनऊ न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा देकर लौट रहे हजारों अभ्यर्थियों की वजह से मंगलवार को कई ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिली। भीड़ का असर आरक्षित कोचों तक पहुंच गया, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि बिना टिकट और अनधिकृत यात्रियों ने उनकी सीटों, गैलरियों और कोच के प्रवेश द्वारों तक पर कब्जा कर लिया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज समेत प्रमुख स्टेशनों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। उत्तर रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे ने अतिरिक्त अनारक्षित विशेष ट्रेनें भी चलाईं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के कारण कई ट्रेनों के आरक्षित डिब्बों में भी भीड़ घुस गई, जिससे नियमित यात्रियों को असुविधा हुई।
यात्रियों ने सोशल मीडिया पर कई ट्रेनों को लेकर शिकायतें दर्ज कराईं। ट्रेन संख्या 12179 के सी-2 कोच में यात्रियों ने आरोप लगाया कि उनकी आरक्षित बर्थों के आसपास बड़ी संख्या में अनधिकृत लोग बैठे रहे और हेल्पलाइन 139 पर शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। वहीं पुरुषोत्तम सुपरफास्ट एक्सप्रेस और बुंदेलखंड एक्सप्रेस के यात्रियों ने भी एसी कोचों में बिना टिकट यात्रियों के प्रवेश, सीटों पर कब्जे और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को लेकर नाराजगी जताई।
गोमती एक्सप्रेस के एक यात्री ने वीडियो साझा कर आरोप लगाया कि आरक्षित कोच में शुरुआती स्टेशन से ही अनधिकृत लोग चढ़ गए थे। यात्री ने टिकट जांच न होने, कोच में गंदगी फैलने, सामान गायब होने और शिकायतों के समाधान न मिलने का भी दावा किया। लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद रेलवे की भीड़ प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।