लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ के बंथरा में बना जिले का पहला निजी ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं टेस्टिंग सेंटर यानी डीटीटीआई 14 सितंबर से काम शुरू कर देगा। सेंटर को लेकर तैयारियां अंतिम दौर में हैं। ट्रांसपोर्टनगर के एआरटीओ प्रदीप कुमार सिंह ने निजी एजेंसी संचालकों को 13 सितंबर तक सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के साथ ही आवेदकों की मदद के लिए संपर्क नंबर जारी करने के निर्देश दिए हैं। तकनीकी अड़चनें दूर होने के बाद परिवहन विभाग ने सेंटर शुरू करने की मंजूरी दी है।
दरअसल, सेंटर शुरू करने से पहले सारथी पोर्टल पर वाहनों की जानकारी अपलोड करने और फायर एनओसी को लेकर दिक्कतें आ रही थीं। 24 अगस्त को मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और एजेंसी संचालकों की समस्याओं का समाधान कराया। इसके बाद बंथरा डीटीटीआई को शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
सेंटर शुरू होने के बाद स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों को पहले ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ या देवा रोड एआरटीओ कार्यालय में बायोमीट्रिक कराना होगा। इसके बाद ड्राइविंग टेस्ट के लिए बंथरा जाना पड़ेगा। कुछ आवेदकों को इसके लिए करीब 45 किलोमीटर तक अतिरिक्त सफर करना पड़ सकता है। अभी ट्रांसपोर्टनगर में रोज करीब 300 और देवा रोड में 78 आवेदकों के टेस्ट होते हैं, जबकि बंथरा सेंटर की क्षमता करीब 198 वाहनों की प्रतिदिन है। ऐसे में शुरुआत में डीएल टेस्ट की पेंडेंसी बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक लखनऊ में कुल चार ऐसे सेंटर खोले जाने हैं, जिसके बाद आवेदकों को राहत मिल सकती है।
बंथरा सेंटर पर ड्राइविंग टेस्ट की पूरी प्रक्रिया कैमरे में रिकॉर्ड होगी। आवेदक को 3 मिनट 50 सेकंड में तय ट्रैक पूरा करना होगा। इसमें 60 सेकंड में '8' ट्रैक, 90 सेकंड में 'H' ट्रैक और 60 सेकंड में पुल यानी अपहिल ट्रैक पार करना होगा। इसके अलावा सेंटर पर ड्राइविंग ट्रेनिंग की सुविधा भी मिलेगी। 45 दिन के प्रशिक्षण में 16 दिन थ्योरी और 22 दिन प्रैक्टिकल ट्रेनिंग होगी, जिसमें सिम्युलेटर, वर्कशॉप और सड़क पर वाहन चलाने का अभ्यास कराया जाएगा।