लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ के फैजुल्लागंज इलाके में बारिश के बाद जलभराव की समस्या एक बार फिर गंभीर हो गई है। कई मोहल्लों में सड़कों पर कई दिनों से पानी जमा है, जिससे लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। कुछ जगहों पर पानी इतना ज्यादा भर गया कि वाहन आधे से लेकर पूरी तरह तक डूब गए। पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए हैं, लेकिन कई इलाकों में अब भी हालात खराब हैं।
गोमती नदी के पास बसे फैजुल्लागंज में बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या काफी पुरानी है। इलाके में करीब 55 करोड़ रुपये की लागत से बड़ा नाला बनाया गया था, जिससे कुछ मोहल्लों को राहत मिली है। इसके बावजूद दाऊदनगर, मामा कॉलोनी, पवन विहार, अलीगंज और गोमती विहार जैसे इलाकों में पानी जमा होने की परेशानी बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेजी से हुए और बिना सही प्लानिंग के विकास के कारण जल निकासी की व्यवस्था इलाके की जरूरत के मुताबिक नहीं बन पाई।
सामाजिक कार्यकर्ता ममता त्रिपाठी ने बताया कि कई इलाकों में करीब तीन हफ्तों से पानी जमा है और इससे लगभग 4 हजार लोग प्रभावित हैं। लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण लोगों को रोजमर्रा के काम में परेशानी हो रही है। साथ ही गंदगी और मच्छर जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। त्रिपाठी के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में अब तक एंटी-लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग नहीं की गई है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
नगर निगम के मुख्य अभियंता महेश चंद्र वर्मा ने बताया कि प्रभावित इलाके निचले हिस्सों में हैं, इसलिए यहां पानी जमा होने की समस्या ज्यादा होती है। उन्होंने कहा कि जल निकासी के लिए पंप लगाए जा रहे हैं और जहां ज्यादा पानी जमा है, वहां से उसे निकालने का काम चल रहा है। हालांकि, कई मोहल्लों में जलभराव अब भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि 55 करोड़ रुपये के नाले से कुछ इलाकों को राहत मिली, लेकिन फैजुल्लागंज के लगातार बढ़ते दायरे को देखते हुए जल निकासी के लिए और बड़ी और बेहतर व्यवस्था की जरूरत है।