लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ में बाढ़ का पानी कम होने लगा है, लेकिन प्रभावित परिवारों की परेशानियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। कई लोगों के घरों को नुकसान पहुंचा है और सामान बह गया है। इसके साथ ही आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी, बैंक पासबुक और जमीन-मकान से जुड़े जरूरी कागजात भी पानी में खराब हो गए या बह गए हैं। इन दस्तावेजों के खोने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्हें डर है कि कागजात नहीं होने पर राशन लेने, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और बैंक से जुड़े काम करने में परेशानी हो सकती है।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद होगा सर्वे
एसडीएम सदर साहिल कुमार ने बताया कि बाढ़ का पानी पूरी तरह उतरने के बाद सर्वे कराया जाएगा। इसके जरिए उन परिवारों की पहचान की जाएगी, जिनके जरूरी दस्तावेज बाढ़ में खो गए हैं या खराब हो गए हैं। इसके बाद प्रभावित लोगों को आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी और अन्य जरूरी कागजात की डुप्लीकेट कॉपी बनवाने की प्रक्रिया में मदद दी जाएगी। इसका मकसद बाढ़ पीड़ितों की परेशानी कम करना है, ताकि घर और जिंदगी को दोबारा संभालने के बीच उन्हें दस्तावेज बनवाने के लिए अलग से जूझना न पड़े।
पानी उतरने के बाद भी घरों में जाना मुश्किल
फैजुल्लागंज के रहने वाले राजकुमार ने बताया कि पानी का स्तर कम जरूर हुआ है, लेकिन घर में घुसकर सामान तलाशना अब भी मुश्किल है। उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि बाढ़ में उनके पहचान पत्र और दूसरे जरूरी कागजात बचे भी हैं या पानी में बह गए। उन्होंने कहा, “पानी उतर गया है, लेकिन घर में जाकर सामान ढूंढना अब भी मुश्किल है। हमें नहीं पता कि कौन-सा सामान बचा है और क्या-क्या पानी में बह गया।”
बैग में रखे जरूरी कागजात भी बहे
बाढ़ से प्रभावित सोनेलाल फिलहाल अपने घर से दूर मड़ियांव इलाके में अपनी पत्नी के घर पर रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले वह अपने घर गए थे। उस समय बाढ़ का पानी उतर चुका था, लेकिन एक बैग में रखे उनके राशन कार्ड और दूसरे जरूरी दस्तावेज पानी में बह गए थे। अब इन कागजात के दोबारा बनवाने की चिंता भी उनके सामने है।