लखनऊ न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शनिवार सुबह उस चार मंजिला अवैध इमारत को ढहाने (Demolition) का काम शुरू कर दिया, जिसमें पिछले महीने भीषण आग लगने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। जांच में पाया गया था कि इस इमारत के बड़े हिस्से का निर्माण अवैध रूप से किया गया था और आवासीय नक्शे पर बनी इस इमारत का व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा था।
इस बुलडोजर कार्रवाई और मामले से जुड़े मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
तीन बुलडोजर और पुलिस बल के साथ कार्रवाई: शनिवार सुबह एलडीए (LDA) की टीम तीन बुलडोजरों और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। सुरक्षा के लिहाज से इमारत के आसपास की सड़कों को बंद कर बैरिकेड्स लगा दिए गए, जिसके बाद अवैध हिस्से को ध्वस्त करने का काम शुरू किया गया।
नक्शे का गंभीर उल्लंघन: एलडीए अधिकारियों के अनुसार, इस इमारत को मूल रूप से केवल बेसमेंट और दो मंजिलों वाले आवासीय निर्माण के लिए स्वीकृति (Sanction) दी गई थी। हालांकि, नियमों को दरकिनार कर इस पर एक अतिरिक्त मंजिल तान दी गई, अनिवार्य सेटबैक मानकों का उल्लंघन किया गया और इसे व्यावसायिक परिसर (Commercial Establishment) में बदल दिया गया।
नोटिस और मियाद पूरी होने पर कार्रवाई: उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास अधिनियम, 1973 के तहत एलडीए ने 23 जून को मालिकों को नोटिस जारी कर निर्माण की वैधता साबित करने को कहा था। सुनवाई के बाद निर्माण को अवैध घोषित करते हुए 10 जुलाई को इसे ढहाने का आदेश दिया गया और मालिकों को स्वयं अवैध हिस्सा हटाने के लिए 25 जुलाई तक का समय दिया गया था। मियाद खत्म होते ही यह कार्रवाई की गई।
15 मौतों के बाद कड़ा एक्शन: 22 जून को इमारत की दूसरी मंजिल पर चल रहे एक एनीमेशन सेंटर/कार्यालय में भीषण आग लग गई थी, जिसमें फंसकर 15 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 5 लोग पाइप और तारों के सहारे नीचे उतरकर अपनी जान बचाने में सफल रहे थे।
अब तक 4 गिरफ्तार, 4 अधिकारी निलंबित: इस दुखद हादसे के बाद पुलिस ने इमारत के मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला और एनीमेशन सेंटर के संचालक समेत 4 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार ने लापरवाही बरतने के आरोप में बिजली विभाग, दमकल विभाग और एलडीए के 4 अधिकारियों को भी निलंबित (Suspend) कर दिया है।