लखनऊ न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन से एक बड़ा और दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर लगा एक भारी-भरकम टिन शेड अचानक भरभरा कर नीचे गिर गया। इस अप्रत्याशित हादसे की चपेट में आने से ड्यूटी पर तैनात एक टीटीई (TTE) और दो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मोर्चा संभालकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
यह हादसा उस समय और गंभीर हो सकता था जब हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या: 13037) ठीक उसी समय प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर पहुंच चुकी थी। शेड गिरते ही रेलवे प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए ट्रेन को तुरंत वहीं रुकवा लिया, जिससे एक बड़ा रेल हादसा टल गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने दुर्घटनास्थल पर तुरंत बड़ी क्रेनें मंगवाईं, जिनकी मदद से पटरियों और प्लेटफॉर्म पर गिरे टिन शेड के मलबे और भारी हिस्सों को हटाने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
इस हादसे में ड्यूटी पर मुस्तैद टीटीई भूपेंद्र गंभीर रूप से चोटिल हो गए हैं और उनका एक पैर बुरी तरह फ्रैक्चर हो गया है। वहीं, प्लेटफॉर्म पर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्री साहिल का पैर भी मलबे के नीचे दब जाने से गंभीर रूप से जख्मी हो गया। आरपीएफ और स्थानीय रेल कर्मचारियों ने मलबे में दबे तीनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और तत्काल एम्बुलेंस की मदद से इलाज के लिए आलमबाग के नजदीकी रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है।
इस घटना के चलते चारबाग स्टेशन पर ट्रेनों का आवागमन और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। रेलवे के तकनीकी विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर मौजूद है, जो इस बात की जांच कर रही है कि टिन शेड गिरने की मुख्य वजह क्या थी—क्या यह संरचनात्मक कमजोरी थी या रखरखाव में कोई चूक। फिलहाल प्लेटफॉर्म को पूरी तरह साफ करने और परिचालन को सामान्य बनाने के प्रयास जारी हैं।