लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ में मंगलवार को 'बड़ा मंगल' के पहले उत्सव की शुरुआत हो रही है, जिसे लेकर शहर भर के हनुमान मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया है। यह वार्षिक उत्सव भगवान हनुमान को समर्पित है और लखनऊ की सांस्कृतिक पहचान का एक अभिन्न हिस्सा माना जाता है। शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल है, जहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
हिंदू पंचांग के ज्येष्ठ माह में आने वाले प्रत्येक मंगलवार को मनाया जाने वाला 'बड़ा मंगल' इस वर्ष विशेष महत्व रखता है। 'अधिक मास' के कारण ज्येष्ठ माह की अवधि इस बार 59 दिनों की हो गई है, जिसके चलते इस वर्ष चार या पांच के बजाय कुल आठ मंगलवार पड़ रहे हैं। यह दुर्लभ संयोग भक्तों के लिए उत्सव की अवधि को बढ़ा रहा है और अब यह धार्मिक अनुष्ठान 23 जून तक जारी रहेंगे।
यह त्योहार लखनऊ की अनूठी 'गंगा-जमुनी' संस्कृति का एक जीवंत प्रतीक माना जाता है। इस दिन शहर भर में जगह-जगह विशाल भंडारों का आयोजन किया जाता है, जहाँ स्वयंसेवक राहगीरों को दिन भर भोजन और शर्बत वितरित करते हैं। सामुदायिक भोज, भक्ति संगीत और विशेष प्रार्थनाओं का आयोजन इस पर्व का मुख्य केंद्र होता है, जो शहर में सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करता है।
इस परंपरा का इतिहास 18वीं शताब्दी से जुड़ा है, जिसकी शुरुआत अलीगंज स्थित हनुमान मंदिर से मानी जाती है। कहा जाता है कि नवाब शुजा-उद-दौला की बेगम आलिया ने स्वप्न में मिले निर्देश के बाद यहां हनुमान जी की मूर्ति स्थापित करवाई थी। इस बीच, एलपीजी की किल्लत को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी सक्रियता दिखाई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पंजीकृत भंडारों को गैस सिलेंडर की आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी ताकि उत्सव में कोई बाधा न आए।