लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की जनता अदालत में गुरुवार को भूखंडों की रजिस्ट्री, कब्जा, नक्शे और अवैध निर्माण से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। बसंतकुंज आवासीय योजना के सेक्टर डी में भूखंड संख्या 2/118 खरीदने वाले राजेश सिंह ने उप सचिव माधवेश कुमार को बताया कि उन्होंने 2002 में 112.5 वर्ग मीटर का भूखंड चार लाख रुपये में खरीदा था। छह महीने के भीतर पूरा भुगतान भी कर दिया, लेकिन अब तक रजिस्ट्री नहीं हो सकी है।
राजेश सिंह ने बताया कि वह कई बार जनता अदालत में अपनी शिकायत लेकर आ चुके हैं। अब भूखंड की फाइल तो मिल गई है, लेकिन रजिस्ट्री कब होगी, इसकी जानकारी नहीं दी जा रही। इसी योजना के सेक्टर ए में भूखंड खरीदने वाले विजय बहादुर, संतोष सिंह, अरुण कुमार और तुषार समेत अन्य लोगों ने बताया कि जमीन खरीदे चार साल हो चुके हैं, फिर भी रजिस्ट्री नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसे कौन से किसान हैं, जिन्हें जमीन का भुगतान नहीं हो पा रहा है।
एलडीए मुख्यालय के सभागार में लगी जनता अदालत में कुल 28 शिकायतें मिलीं। आलमबाग के राजकुमार ने बताया कि उन्होंने कानपुर रोड योजना में दुर्बल आय वर्ग के तहत दो प्लॉट खरीदे थे, लेकिन अब तक कब्जा नहीं मिला। जानकीपुरम के लालबिहारी ने सेक्टर ई में किसानों को व्यावसायिक भूखंड आवंटित किए जाने के बाद अतिक्रमण की समस्या का मुद्दा उठाया। वहीं, ट्रांसपोर्ट नगर के राजनारायण ने बताया कि उन्होंने दिलीप सिंह बाफिला से भूखंड खरीदा था। जमीन के बारे में एलडीए से आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी, लेकिन जवाब नहीं मिला।
लाजपत नगर के शैलेंद्र शर्मा ने बालागंज चौराहे पर नियमों के खिलाफ बने एक कॉम्प्लेक्स का मामला उठाया। उनका कहना है कि इसे तोड़ने का आदेश होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही। जानकीपुरम विस्तार के सेक्टर पांच में बने सुलभ आवासों की खराब हालत की शिकायत भी की गई। ज्वाय बिसारिया, आरती सिन्हा और मनोज कुमार समेत अन्य लोगों ने बताया कि कई जगह पानी टपकता है। शारदा नगर योजना के मेहरबान अपने भूखंड से कब्जा हटवाने की मांग लेकर पहुंचे। उनका आरोप है कि उनके भूखंड पर स्कूल बना दिया गया है, लेकिन इस बार भी उन्हें आश्वासन देकर लौटा दिया गया।
गोमती नगर के विनम्र खंड निवासी अनंत कुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि सड़क को संकरा करके अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ एलडीए कार्रवाई नहीं कर रहा है। वहीं, नेहरू एन्क्लेव की अंजू वार्ष्णेय ने कहा कि न्यायालय के आदेश के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि जनता अदालत में आवंटियों और अन्य लोगों की समस्याएं सुनी गईं। इनमें से सात मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि बाकी शिकायतों को दूर करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए। इस दौरान संयुक्त सचिव सोमकमल सीताराम, विशेष कार्याधिकारी राजीव कुमार समेत अन्य अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे।