लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए उनका घरेलू मैदान, इकाना क्रिकेट स्टेडियम, इस सीजन में किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं हो रहा है। आमतौर पर टीमें अपने घर की परिस्थितियों का फायदा उठाती हैं, लेकिन LSG के साथ कहानी इसके उलट है। पिछले 10 मैचों में इस मैदान पर टीम को सिर्फ दो जीत नसीब हुई हैं, जो उनके गिरते प्रदर्शन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
बुधवार की हार और बल्लेबाजी का फ्लॉप शो:
राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ बुधवार को लखनऊ की टीम मात्र 160 रनों का पीछा करने उतरी थी, जो IPL 2026 का अब तक का सबसे कम स्कोर है। इतने मामूली लक्ष्य के बावजूद पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह ढह गई और मुकाबला 40 रनों के बड़े अंतर से हार गई। हेड कोच जस्टिन लैंगर ने मैच के बाद स्वीकार किया कि उनके बल्लेबाज पिच की अतिरिक्त गति (pace) और उछाल (bounce) से तालमेल बिठाने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं।
लैंगर ने की पर्थ (WACA) से तुलना:
कोच लैंगर ने इकाना की पिच की तुलना ऑस्ट्रेलिया के मशहूर पर्थ (WACA) मैदान से की। उन्होंने कहा:
"यहाँ की पिच भारत की अन्य पिचों से बिल्कुल अलग है। यहाँ वास्तविक पेस और बाउंस है, जिसे हमारे बल्लेबाज समझ नहीं पा रहे हैं।"
"हम कई बार शॉर्ट बॉल पर आउट हुए हैं। आम तौर पर भारत में गेंद इतनी ज्यादा उछाल नहीं लेती, लेकिन यहाँ स्थिति अलग है।"
गेंदबाजों की तारीफ, बल्लेबाजों पर निराशा:
जहाँ एक तरफ बल्लेबाज संघर्ष कर रहे हैं, वहीं लैंगर ने अपने तेज गेंदबाजों की जमकर सराहना की। मोहसिन खान, मोहम्मद शमी और प्रिंस यादव की तिकड़ी ने राजस्थान को मात्र 159 रनों पर रोक दिया था। लैंगर ने भविष्यवाणी की कि मोहसिन खान और प्रिंस यादव भविष्य में भारतीय टीम के लिए जरूर खेलेंगे। हालांकि, गेंदबाजों की इस मेहनत पर बल्लेबाजों ने पानी फेर दिया।