लखनऊ न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश में कई दिनों से जारी भारी बारिश और बाढ़ ने हालात बिगाड़ दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, राज्य में कम से कम 62 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 46 लोग घायल हुए हैं। तीन दिन की तेज बारिश के बाद कई जिलों में बाढ़ आ गई और 1,000 से ज्यादा मकानों को नुकसान पहुंचा है। लखनऊ समेत कुछ इलाकों में सोमवार को स्कूल भी बंद रखे गए।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव टीमों को लगाया गया है। टीमें लोगों को पानी से घिरे इलाकों से निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचा रही हैं। प्रशासन ने लोगों से बिना जरूरी काम के जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचने और तेज बहाव वाली नदियों, नालों और धाराओं से दूर रहने की अपील की है।
लखनऊ के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना मौसम तंत्र अब कमजोर पड़ रहा है, इसलिए सोमवार से बारिश में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि मंगलवार तक पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश जारी रह सकती है।
बारिश और बाढ़ का असर पड़ोसी राज्यों और देशों में भी देखने को मिला है। ओडिशा में 75 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं नेपाल में गुरुवार से रविवार के बीच मौसम से जुड़ी घटनाओं में 21 लोगों की मौत हुई, 5 लोग लापता हैं और 5 घायल हुए हैं। बाढ़ और भूस्खलन से 194 मकानों को नुकसान पहुंचा है। नेपाल अभी अगस्त में आई विनाशकारी बाढ़ से भी पूरी तरह उबर नहीं पाया है, जिसमें 1,400 से ज्यादा लोगों की मौत और करीब 6,000 लोगों के लापता होने की खबर थी।