लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदी का पानी सामान्य स्तर से करीब आठ फीट ऊपर पहुंचकर 108.14 मीटर तक पहुंच गया है। बढ़ते पानी की वजह से हनुमंत धाम, प्राचीन शनि देव मंदिर और लक्ष्मण मेला मैदान के आसपास जलभराव हो गया है। एहतियात के तौर पर गोमती रिवरफ्रंट की ‘फूड वैली’ को भी फिलहाल बंद कर दिया गया है।
लेटे हुए हनुमान मंदिर परिसर में भी गोमती का पानी पहुंच चुका है। मंदिर के मुख्य पुरोहित विनोद तांगड़ी ने बताया कि पानी हनुमान जी के चरणों तक पहुंच गया है और स्थिति काफी गंभीर है। उनके मुताबिक 2006-07 के बाद पहली बार नदी का जलस्तर इस तरह बढ़ा है। पानी ज्यादा बढ़ने की स्थिति में परंपरा के अनुसार मंदिर के बाहर से ही पूजा-अर्चना की जाएगी। हनुमान जी पर लाल चादर रखकर दूर से भोग और आरती की जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार मंदिर के जलमग्न होने पर हनुमान जी को विश्राम अवस्था में माना जाता है।
गोमती के उफान का असर ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। बख्शी का तालाब तहसील के लासा, बहादुरपुर, सुल्तानपुर और अकड़िया मऊ समेत कई गांवों में पानी थोड़ा कम हुआ है, लेकिन लोगों की परेशानी अभी बनी हुई है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में आवाजाही और राहत पहुंचाने के लिए 30 नावें लगाई हैं। साथ ही चार राहत शिविर और सहायता केंद्र बनाए गए हैं, जहां विस्थापित परिवारों को भोजन और दूसरी जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं।
स्थिति को देखते हुए डीएम विशाख जी और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने नाव से प्रभावित इलाकों का दौरा किया और राहत कार्यों का जायजा लिया। डीएम ने लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। स्वास्थ्य विभाग प्रभावित गांवों में मेडिकल किट और क्लोरीन की गोलियां बांट रहा है, जबकि पशुपालन विभाग मवेशियों के लिए चारे-भूसे की व्यवस्था और बीमार पशुओं का इलाज कर रहा है। फैजुल्लागंज में भी डीएम ने नाव से पहुंचकर परिवारों को ड्राई राशन किट दीं। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने ड्रेनेज, फॉगिंग और पानी निकालने के काम की समीक्षा की। पंपसेट से पानी निकाला जा रहा है और मच्छरों की रोकथाम के लिए पहली बार ड्रोन से एंटी-लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। प्रशासन और राजस्व विभाग की टीमें 24 घंटे अलर्ट पर हैं।