लखनऊ न्यूज डेस्क: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जारी उथल-पुथल का सीधा असर घरेलू बाजार पर दिखने लगा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड का भाव लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बना हुआ है। शनिवार सुबह सरकारी तेल कंपनियों द्वारा जारी नई दरों के अनुसार, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में ईंधन की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ना तय है।
क्षेत्रीय स्तर पर कीमतों का विश्लेषण करें तो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल-डीजल की दरों में इजाफा हुआ है। लखनऊ में पेट्रोल 4 पैसे की वृद्धि के साथ 94.73 रुपये और पटना में 25 पैसे महंगा होकर 105.48 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। इसके विपरीत, हरियाणा के गुरुग्राम में उपभोक्ताओं को राहत मिली है, जहाँ पेट्रोल के दाम में 35 पैसे और डीजल में 33 पैसे की गिरावट दर्ज की गई है।
देश के चार प्रमुख महानगरों में आज भी स्थिरता का रुख बना हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये, जबकि आर्थिक राजधानी मुंबई में यह 103.44 रुपये प्रति लीटर के ऊंचे स्तर पर बिक रहा है। चेन्नई और कोलकाता में भी कीमतें क्रमश: 100.76 रुपये और 104.95 रुपये प्रति लीटर पर टिकी हुई हैं। कच्चे तेल की बात करें तो ब्रेंट क्रूड फिलहाल 101.30 डॉलर और डब्ल्यूटीआई (WTI) 95.72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों का निर्धारण अंतरराष्ट्रीय बाजार के भाव, एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले वैट (VAT) के आधार पर होता है। सरकारी तेल कंपनियां हर सुबह 6 बजे नई दरों की घोषणा करती हैं, जिसमें टैक्स और कमीशन जुड़ने के बाद ईंधन का दाम उसके मूल भाव से लगभग दोगुना हो जाता है। यही कारण है कि अलग-अलग राज्यों में टैक्स की भिन्नता की वजह से कीमतें अलग-अलग दिखाई देती हैं।