लखनऊ न्यूज डेस्क: राजधानी लखनऊ में यात्री बसों के जरिए बिना दस्तावेज व्यापारिक माल की ढुलाई पर राज्य कर विभाग और परिवहन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़ा अभियान चलाया। 'ऑपरेशन कवच' के तहत 9 लग्जरी बसों की जांच में करीब 300 बोरे ऐसा माल मिला, जिसके लिए आवश्यक ई-वे बिल और अन्य वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। विभाग ने माल जब्त कर जीएसटी चोरी के मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
शासन के निर्देश पर 19 और 20 जुलाई को राज्य कर विभाग और परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों ने राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया। जांच के दौरान पता चला कि दिल्ली से आने वाली कई यात्री बसों में यात्रियों के साथ बड़े पैमाने पर व्यापारिक माल भी ले जाया जा रहा था। दस्तावेजों की जांच में कई मामलों में ई-वे बिल नहीं मिला।
कार्रवाई के दौरान राज ट्रैवेल्स, एनकेबी स्मार्ट बस, मेट्रो बस, न्यू इंडिया, सोनिया, रिलैक्स हॉलीडे, आईटीसी ट्रैवेल्स और महालक्ष्मी ट्रैवेल्स समेत 9 बसों को पकड़ा गया। इनमें कुछ बसें उत्तर प्रदेश, बिहार और असम में पंजीकृत हैं। सभी बसों को हजरतगंज स्थित राज्य कर कार्यालय लाकर सीज कर दिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, यात्री बसों का इस्तेमाल कर चोरी के लिए किए जाने से सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचता है और नियमों का पालन करने वाले व्यापारियों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ता है। विभाग का कहना है कि ऐसे मामलों पर आगे भी संयुक्त अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अभियान में राज्य कर विभाग के विभिन्न सचल दलों के अधिकारियों के साथ परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम भी शामिल रही।